अध्याय 256 मैं उनकी सभी संपत्तियों का पहला वारिस हूँ

एक दर्जन से भी ज़्यादा आँखें फौरन मिरांडा पर टिक गईं।

हैरानी।

जिज्ञासा।

शक।

अलग-अलग भाव ऐसे घुल-मिल गए, मानो उसकी आर-पार झाँककर सच निकाल लेना चाहते हों।

सेलेस्ट के चेहरे की मुस्कान पूरी तरह गायब हो गई।

अविश्वास से उसकी आँखें फैल गईं।

“ये नामुमकिन है!” वह चीखी, बेचैनी से उसकी आवाज़ काँप-...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें